........................................................................................................ उस पात्र का जल २४ घण्टे बाद किसी वृक्ष पर चढ़ा दें। ऊँ ह्रीं श्रीं चामुण्डा सिंहवाहिनी बीसहस्ती भगवती रत्नमण्डित सोनन की माल । साधना के समय जल का लोटा अपने पास रखें। उत्तर बांधों, दक्खिन बांधों, बांधों मरी मसान, डायन भूत के गुण बांधों, बांधों कुल परिवार, नाटक https://laxmi23085.nizarblog.com/39817721/smashan-an-overview